मोनू कनौजिया - वीरता एवं शौर्य का प्रतीक दशहरा आप सभी के जीवन में मंगल लायें

भीतर के रावण को जो,
आग खुद लगाएंगे,
सही मायने में वे ही दशहरा मनाएंगे..!!

अपनी गौरान्वित संस्कृति, परम्पराओं, ऐतिहासिकता और सबको एक सूत्र में बांधते हुए चलने की नैतिकता के कारण विश्व भर में प्रसिद्द हमारा देश वास्तविकता में त्यौहारों और मेलों का देश माना जाता है, जहाँ प्रत्येक उत्सब एक सामाजिक सन्देश देता हुआ प्रतीत होता हैं. हमारे देश में मनाया जाने वाला हर एक उत्सव धर्म, सत्य, अहिंसा, आदर्श, और नैतिकता की सीख हमें देकर जाता है.

इन्हीं में से एक त्यौहार है, दशहरा जो प्रति वर्ष शारदीय नवरात्रों के अंत में मनाया जाता है. यह उस चिर संस्कृति का प्रतीक पर्व है, जो हमें सिखाती है कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो..एक न एक दिन उसका अंत होता ही है. आज ही के दिन भगवान श्री राम ने लंकापति रावण का अंत कर अधर्म पर धर्म की स्थापना की थी. दशहरा यानी विजय दशमी भगवान श्री राम की विजय के साथ साथ शक्ति के पूजन का भी दिवस है क्योंकि इसी दिन माँ दुर्गा ने महिषासुर का भी अंत करके धरती को दानवों के अत्याचार से मुक्त किया था.

आज हम सभी बुराई पर अच्छाई के प्रतीक इस त्यौहार को बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं, घूमते-फिरते हैं, रामलीला-मेलों का आनंद लेते हैं और बड़ी ही शान से दशानन रावण के पुतले का दहन होते देखते हैं. किन्तु मात्र यही इस त्यौहार का उद्देश्य नहीं है, बल्कि यह त्यौहार हमें सिखाता है कि हम अपने विचारों को शुद्ध करें, आत्मिक और सामाजिक कल्याण को अपने जीवन का लक्ष्य बनाकर चलें...क्योंकि रावण कहीं न कहीं हम सभी में छिपा है. त्रेतायुग में तो केवल एक रावण था, जिसके दस सिर और दस चेहरे थे, लेकिन आज तो हर घर में रावण है और वह भी एक चेहरे के पीछे हजार चेहरे लिए हुए.

इस बुराई और अनाचार को समाप्त करने के लिए वर्ष में एक ही दिन काफी नहीं है, बल्कि हमें इन्हें हर रोज मारना होगा. जैसे अपने ज्ञान और पराक्रम रूपी धनुष-बाण से प्रभु श्रीराम ने रावण को मारा था, वैसे ही आज हम सभी को अपने और समाज में पनप रही बुराइयों जैसे क्रोध, बुरे विचार, अनैतिकता, देशद्रोह, असमानतापूर्ण एवं अतार्किक व्यवहार आदि को प्रभु श्री राम के दिए संस्कारों, ज्ञान, इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास से समाप्त करना होगा, यही आत्मजागरण हमारे जीवन का वास्तविक दशहरा कहलाएगा.

समरसता और उल्हास के इसी संदेश के साथ आप सभी राष्ट्रवासियों को विजयदशमी के पावन पर्व की मेरी और समस्त समाजवादी पार्टी की ओर से कोटि कोटि शुभकामनाएं.

आपका

मोनू कनौजिया 

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